थोडासा ही सही......
लाखो शिकायत करते है
जमाने से हम कभी कोई
कमी खुद में भी धूंड लिया करो.....
हर दिन दुनिया बदलने का
इंतजार करते है हम
कभी कभी खुद को भी तो
बदल लिया करो.....
हर दिन हर जगह सौदे बाजी करते है
कभी अपनों की नजरो मे
तो कभी गैरो की नजरो से
खुद की कीमत करते है
कभी कभी खुद की कीमत खुद
भी लगा लिया करो.......
न जाने कितने अरमानोके बोझ
लेकर हर दिन सफर करते है
कभी कभी युही कुछ न पाने के खातिर
भी थोडासा ही सही घूम लिया करो......
पुनम